महज 11 दिन बाद दूसरों के लिए खतरा नहीं रह जाते कोरोना पीड़ित

वर्ल्ड डेस्क, सिंगापुर। Updated Tue, 26 May 2020 05:49 AM IST
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नई दिल्ली में लॉकडाउन के दौरान पुलिस कर्मी।
नई दिल्ली में लॉकडाउन के दौरान पुलिस कर्मी। - फोटो : PTI

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कोरोना पर शोध कर रहे देश के राष्ट्रीय संक्रामक रोग केंद्र (एनसीआईडी) ने दावा किया गया है कि वायरस की जद में आने के 11 दिन बाद ज्यादातर मरीज दूसरों को इसके संक्रमण नहीं फैला सकते हैं। उन्होंने यह दावा भी किया कि कोरोना संक्रमित शख्स उसमें बीमारी के लक्षण दिखाई देने से दो दिन पहले ही इस खतरनाक वायरस का संक्रमण फैला सकता है।
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शोधकर्ताओं ने अस्पतालों में भर्ती कोरोना संक्रमित 73 मरीजों पर शोध के बाद यह दावा किया है। सिंगापुर के अखबार स्ट्रेट टाइम्स के मुताबिक, मरीज में कोरोना के लक्षण उभरने के सात दिन तक उसके शरीर में  वायरस की संख्या बढ़ने और हवा में उसका प्रसार होने की आशंका अधिक रहती है, लेकिन आठवें से दसवें दिन के भीतर यह कमजोर पड़ने लगती है और 11वें दिन बाद यह पूरी तरह से नष्ट हो जाती है।
एनसीआईडी के निदेशक लियो यी का कहना है कि संक्रमण के लक्षण उभरने के 11 दिनों के बाद मरीज दूसरों के लिए खतरनाक नहीं रह जाता है। शोध में शामिल भारतीय मूल के डॉक्टर अशोक कुरुप के मुताबिक इस अध्ययन के नतीजे बेहद सटीक हैं। इन्हें कोविड-19 से जूझ रहे मरीजों पर लागू करना सुरक्षित है, फिर चाहे गंभीर रूप से संक्रमित ही क्यों न हों।
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