हांगकांग सरकार ने फेसबुक-व्हाट्सएप से मांगा उपभोक्ताओं का डाटा, कंपनी ने किया इनकार

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हांगकांग Updated Mon, 06 Jul 2020 07:42 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

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प्रसिद्ध सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक और इसके स्वामित्व वाली व्हाट्सएप ने सोमवार को कहा है कि उसने हांगकांग सरकार की ओर से मांगी जा रही उपभोक्ताओं की जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, हमारा मानना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक मौलिक मानवीय अधिकार है। हम लोगों की सुरक्षा या अन्य नतीजों के लिए बिना किसी डर के खुद को व्यक्त करने के अधिकार का समर्थन करते हैं।
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बता दें कि चीन ने हांगकांग में अलगाववादी गतिविधियों में शामिल लोगों पर कार्रवाई करने के लिए विवादित कानून को लागू कर दिया है। लोगों को आशंका है कि इस कानून का इस्तेमाल इस अर्द्धस्वायत्त क्षेत्र में विरोध की आवाजों को दबाने के लिए किया जा सकता है। यह कानून अलगाववादी, विध्वंसक या आतंकवादी गतिविधियों को अवैध बनाने के साथ ही शहर के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप को रोकता है।
इसके अनुसार, शहर की स्वतंत्रता की अपील करने वाले नारे लगाने या पोस्टर और झंडा लहराने जैसी अलगाववादी गतिविधियों में किसी व्यक्ति का हिस्सा लेना, कानून का उल्लंघन है, भले ही इस दौरान हिंसा हुई हो या नहीं। कानून का सबसे गंभीर अपराधी यानि जिसे अपराध का मुख्य षड्यंत्रकारी माना जाएगा, उसे अधिकतम उम्रकैद की सजा हो सकती है। कम गंभीर अपराध करने वालों को तीन साल तक की सजा मिल सकती है या कम समय के लिए हिरासत में रखा जा सकता है।

अमेरिकी राजनयिक ने सुरक्षा कानून के इस्तेमाल को त्रासदी बताया

दूसरी ओर हांगकांग में अमेरिका के एक शीर्ष राजनयिक ने सोमवार को कहा कि अर्द्ध स्वायत्त चीनी क्षेत्र में मौलिक स्वतंत्रता को छीनने और एशिया के आर्थिक केंद्र में जबर्दस्ती का माहौल बनाने के लिए नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का प्रयोग करना एक त्रासदी है। हांगकांग और मकाऊ में अमेरिकी महावाणिज्य दूत हैन्सकम स्मिथ ने कहा, कानून का इस्तेमाल मौलिक स्वतंत्रताओं को समाप्त करने के लिए करना हांगकांग के लिए एक त्रासदी है।”
उन्होंने कहा, हांगकांग मुख्यत: अपने खुलेपन को लेकर सफल रहा है और हम उसे बरकरार रखने के लिए कुछ भी करेंगे। बता दें कि हांगकांग में पिछले साल सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद पिछले हफ्ते लागू किया गया कानून अलगाववादी, विध्वंसक या आतंकवादी गतिविधियों के साथ ही शहर के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप को अवैध बनाता है। स्वतंत्रता की मांग के लिए नारे लगाना या पोस्टर दिखाना और झंडे लहराना जैसी गतिविधियां इस कानून का उल्लंघन मानी जाएंगी भले ही हिंसा हुई हो या नहीं।

आलोचक इसे पूर्व ब्रिटिश उपनिवेश और मुख्य भूमि के सत्तावादी कम्युनिस्ट पार्टी प्रणाली के बीच कानूनी सुरक्षा दीवार को हटाने के बीजिंग के सबसे साहसिक कदम के रूप में देख रहे हैं। कानून के प्रभावी होने के बाद से सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि प्रदर्शन के नारे, 'हांग कांग को आजाद करो, हमारे समय की क्रांति' में अलगाववादी संकेत हैं और इसलिए इसे लगाना अपराध है। हांगकांग के सार्वजनिक पुस्तकालयों में, लोकतंत्र समर्थक लोगों द्वारा लिखी गई पुस्तकों को हटा लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि नए कानून के मद्देनजर वे पुस्तकों की समीक्षा कर रहे हैं।
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