नई जांच से कोरोना वायरस की दवा खोजने में आ सकती है तेजी : एनआरएल

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Updated Wed, 23 Sep 2020 06:05 AM IST
विज्ञापन
अमेरिका में वैक्सीन पर शोध करते वैज्ञानिक
अमेरिका में वैक्सीन पर शोध करते वैज्ञानिक - फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

हाल ही में किए गए एक अध्ययन के अनुसार वैज्ञानिकों ने एक नया उपकरण विकसित किया है। यह नई जांच तेजी से अपना रूप बदल रहे कोरोना वायरस की दवा की खोज में तेजी ला सकती है। कोरोना वायरस से कोशिकाओं को संक्रमित करने वाली घातक बीमारी के खिलाफ उपचार की खोज को यह नई जांच संभावित रूप से तेज कर सकती है। यह सार्स-कोवि-2 वायरस की सतह पर मौजूद स्पाइक प्रोटीन के साथ एक फ्लोरोसेंट नैनोपार्टिकल जांच है।

विज्ञापन

यह जांच वायरस को मानव कोशिकाओं को बांधने और उनमें प्रवेश करने से रोकती है। अमेरिका में नेशनल सेंटर फॉर एडवांस ट्रांसलेशन साइंसेज (एनसीएटीएस) के शोधकर्ताओं सहित अन्य के अनुसार इस नई जांच का उपयोग शोधों में किया जा सकता है ताकि मानव कोशिकाओं को संक्रमित करने से वायरस को रोकने के लिए चिकित्सीय क्षमता को तेजी से नापा जा सके।
अमेरिका में नौसेना अनुसंधान प्रयोगशाला (एनआरएल) में अध्ययन के सह-लेखक किरिल गोर्शकोव ने बताया कि हमारा लक्ष्य उन यौगिकों को खोजने के लिए एक स्क्रीनिंग सिस्टम बनाना है जो सार्स-कोवि-2 को कोशिकाओं से बांधने और उन्हें संक्रमित करने के लिए रोकते हैं। यह अध्ययन एसीएस नैनो जर्नल में प्रकाशित किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X