पाक विदेश मंत्रालय ने फिर छेड़ा कश्मीर राग, यासीन मलिक की रिहाई की मांग

वर्ल्ड डेस्क, डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला Updated Mon, 30 Mar 2020 11:11 PM IST
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दुनिया भले ही कोरोना से जंग लड़ रही हो और पाकिस्तान में खुद कोविड-19 के डेढ़ हजार से ज्यादा मामले हों, लेकिन ऐसी स्थिति में भी उसका कश्मीर राग बरकरार है। पाकिस्तानी विदेश विभाग ने बयान जारी कर एक बार फिर अलगाववादी नेता यासीन मलिक समेत तमाम कश्मीरी नेताओं और युवाओं की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए और भारतीय सुरक्षा बलों पर कश्मीर में अत्याचार करने के आरोप लगाए। 
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पाकिस्तान ने यासीन मलिक के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा है कि उन्हें 30 साल पुराने एक फर्जी मामले में जबरन गिरफ्तार किया गया है और घाटी में पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) और आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पावर एक्ट जैसे कानूनों के तहत कश्मीर की जनता पर जुल्म ढाए जा रहे हैं। पाकिस्तान विदेश विभाग की प्रवक्ता आयशा फारुकी ने अपने बयान में कहा है कि हजारों कश्मीरी युवाओं, सिविल सोसाइटी के सदस्यों, पत्रकारों और कश्मीरी नेताओं को जेल में डाल दिया गया है। 
पाक ने कहा, हजारों लोगों को अपने परिवारों से दूर कर दिया गया है। पांच अगस्त 2019 के बाद से सभी शिक्षण संस्थान बंद हैं। वहां के लोग 4जी नेटवर्क का इस्तेमाल नहीं कर सकते। आयशा फारुकी ने बयान में कहा है कि जब पूरे देश और दुनिया में कोरोना जैसे खतरनाक वायरस का आतंक है, ऐसे में भारतीय सेना के नौ लाख जवान कश्मीरियों पर अत्याचार कर रहे हैं।
पाकिस्तान ने खास तौर से यासीन मलिक के प्रति हमदर्दी जताते हुए कहा है कि मलिक जेल में बीमार हैं और अपने खिलाफ लगाए गए झूठे आरोपों के खिलाफ जेल में ही आमरण अनशन की धमकी दी है। पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह कश्मीर में मानवाधिकार हनन और स्थानीय लोगों पर ढाये जा रहे जुल्म रोकने के लिए भारत पर दबाव डाले और वहां से तत्काल इंटरनेट बैन हटाने और ऐसी गंभीर स्थिति में वहां जरूरी मेडिकल सुविधाएं और जरूरी सामान पहुंचाने को कहे। 

पाकिस्तान ने कहा है कि भारत तत्काल हुर्रियत नेताओं समेत तमाम गिरफ्तार नेताओं को रिहा करे, इंटरनेट सेवा बहाल करे और पीएसए जैसे कानून हटाए। गौरतलब है कि दो हफ्ते पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए हुई सार्क की बैठक के दौरान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की ओर से वहां के स्वास्थ्य सचिव डॉ जफर मिर्जा ने पीएम मोदी का ध्यान कश्मीर की ओर दिलाने की कोशिश की थी।
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