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इथोपियन एयरलाइन के पायलट ने क्रैश से पहले बोइंग की आपताकालीन प्रक्रियाओं का ही पालन किया: रिपोर्ट

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 04 Apr 2019 01:40 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media

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इथोपियन एयरलाइन के पायलटों ने विमान के क्रैश होने से पहले उन्हीं आपातकालीन प्रक्रियाओं का पालन किया था, जो बोइंग द्वारा बताई गई थीं। ये जानाकारी प्राथमिक जांच में सामने आई है।
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सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट में पहचान ना बताने की शर्त पर जांच से जुड़े लोगों ने कहा कि विमान के ऑटोमेटिक कंट्रोल सिस्टम को बंद करने के लिए जो बातें बताई गईं, उनपर अमल करने के बाद भी पायलट बोइंग 737 मैक्स 8 को नियंत्रित नहीं कर सके।
इसी महीने की शुरुआत में अमेरिकी संघीय विमानन प्रशासन (एफएए) ने सभी बोइंग 737 विमानों की सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया था। उसने कहा था कि इथोपिया विमान हादसे और इंडोनेशिया विमान हादसे के बीच समानताओं का पता चला है।
इथोपियन एयरलाइन फ्लाइट 302, 10, मार्च की सुबह अदीस अबाबा से नैरोबी के लिए उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद  दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। उसमें सवार सभी 157 लोगों की मौत हो गई। इससे करीब पांच महीने पहले 29 अक्तूबर को इंडोनेशिया में लायन एयर की फ्लाइट 610 उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जर्काता से उड़ान भरने वाले इस विमान में 189 लोग मौजूद थे, विमान में मौजूद सभी लोगों की मौत हो गई।

लायन एयर विमान हादसे के बाद बोइंग ने 'ऑपरेशन्स मैनुअल बुलेटिन' जारी किया था। इसमें कॉकपिट पर गलत नंबर आदि से निपटने के बारे में बताया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक बोइंग हैंडबुक में बताई गई आपताकाल प्रक्रियाएं विमान को क्रैश होने से बचाने के लिए काफी नहीं हैं। प्राथमिक रिपोर्ट के आने बाद निष्कर्षों को बताया जाता है, जो फाइनल नहीं होते हैं और जांच के दौरान बदलते भी रहते हैं। 
 
इंडोनेशिया में क्रैश हुए लायन एयर विमान के 'ब्लैक बॉक्स' डाटा रिकॉर्डर से पता चला था कि क्रैश विमान के एयरस्पीड इंडीकेटर में पिछली चार उड़ानों से खराबी थी। जब ब्लैक बॉक्स खोला गया तो उसमें एयरस्पीड को लेकर समस्या पाई गई।

विमान की पिछली उड़ान के टेकनिकल लॉग से पता चला कि कप्तान के पास मौजूद एयरस्पीडिंग उपकरण में खराबी थी। वहीं पायलट और कोपायलट के पास मौजूद विमान की ऊंचाई के उपकरण भी अलग-अलग आंकड़े बता रहे थे। जिससे विमान कितनी ऊंचाई पर है ये बात स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। जिसके बाद चालक दल ने जकार्ता वापस जाने का फैसला लिया। लेकिन इसके कुछ देर बाद ही विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
 
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