नेपाल की जमीन पर चीनी कब्जे का विरोध, ‘गो बैक चाइना’ के लगे नारे

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो Updated Thu, 24 Sep 2020 01:20 AM IST
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सार

- प्रदर्शनकारियों ने पीएम ओली की चुप्पी पर खड़े किए सवाल
- हुमला जिले में घुसकर चीन ने बना दी हैं 11 इमारतें
 

विस्तार

नेपाल की जमीन पर चीनी कब्जे के खिलाफ हिमालयी राष्ट्र में बुधवार को जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन हुए। देश के हुमला इलाके में चीन की बनाई 11 इमारतों के निर्माण को लेकर राजधानी स्थित चीनी दूतावास के बाहर प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और ‘गो बैक चाइना’ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में चीनी साम्राज्यवाद मुर्दाबाद, चीन अतिक्रमण बंद करो और नेपाली भूमि वापस करो लिखे बैनर लिए हुए थे। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बल पूर्वक वहां से हटा दिया।
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रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाली छात्र संगठन के अध्यक्ष शंकर हमाल के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ। हमाल ने आरोप लगाया कि चीन ने नेपाल की भूमि हड़प ली है, लेकिन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली चुप हैं। वहीं, हुमला के सहायक मुख्य जिला अधिकारी दत्ताराज हमाल ने बताया कि उन्होंने हाल में उस इलाके का दौरा किया और पाया कि वहां चीन ने इमारतें बना दी हैं, जबकि 2005 तक वहां सिर्फ एक झोपड़ी थी। बता दें कि तिब्बत से लगते सीमावर्ती जिले हुमला के नाम्खा नगर पालिका के लमचा गांव में चीन ने यह अवैध कब्जा किया है। नेपाल-चीन सीमा को रेखांकित करने वाला पिलर-11 वहां से गायब है।
भूस्खलन से पोखरा-सोनौली मार्ग बंद
सोनौली (महराजगंज)। भारत-नेपाल सीमा सोनौली से पोखरा जाने वाला मार्ग भूस्खलन के कारण बंद हो गया है। मंगलवार की रात से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पाल्पा के टीना में बड़े-बड़े चट्टान सड़क पर गिर गए हैं, जिससे मार्ग अवरुद्ध हो गया है। सैकड़ों भारतीय एवं नेपाली मालवाहक वाहन रास्ते मे फंस गए हैं। दोनों तरफ जाम लग गया है। बारिश से लगातार पहाड़ों से चट्टानें टूट कर गिर रही हैं। बुटवल पुलिस डीएसपी भीमलाल भटराई ने बताया कि जल्द ही रास्ता खुल जाएगा। रास्ते में फंसे यात्रियों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। संवाद

नेपाल जनकपुर धाम जानकी मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुला
नेपाल में प्रसिद्ध जनकपुरधाम स्थित जानकी मंदिर कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण पिछले छह माह से बंद था, इसे बुधवार से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। जानकी मंदिर के उत्तराधिकारी रामरोशन दास ने बताया कि स्वास्थ्य मानकों को पूरा करने के बाद पूजा करने की अनुमति मिली है। संवाद
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