इंडोनेशिया : रहम की भीख मांगता रहा दुष्कर्मी, बरसाए 146 कोड़े

न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, ईस्ट असेह Updated Sat, 28 Nov 2020 01:52 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
मुस्लिम देशों में दुष्कर्म की सजा बेहद खतरनाक होती है। इन्हीं में से एक इंडोनेशिया में यह सजा सरेआम कोड़े मारने से लेकर मृत्युदंड तक की होती है। यहां के ईस्ट असेह में गंभीर अपराधों के लिए दी जाने वाली सजा के तहत एक 19 साल के युवक को सार्वजनिक तौर पर 146 बार कोड़े मारे गए। इस दौरान वह रोता-चिल्लाता रहा और बेहोश भी हो गया, लेकिन उस पर कोई तरस नही दिखाया गया।
विज्ञापन


इंडोनेशिया में इस युवक को इस साल की शुरुआत में ही एक बच्चे के साथ दुष्कर्म करने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया था। नाबालिक की उम्र नहीं बताई गई है। लेकिन उसके साथ जुर्म साबित होने के बाद दोषी युवक को असेह भेज दिया गया जहां उसे कई बार कोड़े मारे गए। इस बीच वह दर्द से छटपटाकर चीखता रहा और बेहोश भी हो गया। इस बीच डॉक्टरों ने उसका इलाज भी किया, लेकिन इसके बाद एक बार फिर उसे कोड़े मारे जाने लगे। उसे इस्लामी कानूनों के उल्लंघन के आरोप में सार्वजनिक तौर पर एक मास्क पहने शरिया अधिकारी ने सजा दी।



..ताकि दूसरे लोग भी अपराध से पहले डरे 
असेह के अभियोजन कार्यालय के अधिकारी इवान ननजर अलावी ने बताया कि देश में इस तरह की सजा का प्रावधान इसलिए किया गया है ताकि दूसरों को ऐसा अपराध करने से पहले डर लगे। यह अकेला ऐसा इलाका है जहां ऑटोनॉमी के तहत इस्लामिक कानून का पालन किया जाता है। यहां बृहस्पतिवार को दो लोगों को अपनी उम्र से कम के पार्टनर्स के साथ यौन संबंधों के लिए 100 कोड़े मारे गए थे।

पाकिस्तान में दुष्कर्मी को नपुंसक बनाने के लिए कैबिनेट की मंजूरी 
हाल ही में पाकिस्तान में दुष्कर्म के दोषी को रासायनिक रूप से नपुंसक बनाने के प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री की सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद देश की कैबिनेट ने भी दुष्कर्म संबंधी दो अध्यादेशों को अंतिम मंजूरी दे दी है। इनके तहत दोषी को सहमति से नपुंसक बनाया जाएगा और दुष्कर्म मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतों का गठन किया जाएगा। कानून मंत्री फारूक नसीम की अध्यक्षता में कैबिनेट समिति ने इन पर मुहर लगाई। इसके लिए दोषी की सहमति ली जाएगी अन्यथा उसके लिए मृत्युदंड या आजीवन कारावास का प्रावधान होगा।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X