चीन के खतरे से निपटने के लिए भारत के साथ काम करेगा अमेरिका: सीनेटर मार्क वार्नर

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Updated Fri, 24 Jul 2020 04:41 AM IST
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Mark warner - फोटो : ANI

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भारत को स्थायी अधार पर अमेरिका का रणनीतिक रक्षा साझेदार बनाने के लिए अमेरिकी संसद में कानून बनाने वाले शीर्ष सीनेटर मार्क वार्नर ने कहा है कि चीनी निगरानी के खतरे से निपटने के लिए अमेरिका हर संभव कोशिश करेगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए अमेरिका हर सूरत में भारत, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के साथ मिलकर काम करेगा।
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अमेरिकी खुफिया मामलों पर सीनेट स्थायी चयन समिति के अध्यक्ष व डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर मार्क वार्नर ने भारत-अमेरिकी सुरक्षा परिषद के सदस्यों के साथ बातचीत में कहा कि चीन, अमेरिकी कंपनियों के लिए एक बड़ी समस्या बनकर उभरा है।  उन्होंने आगे कहा कि चीन हमारी गुप्त जानकारियां भी चोरी करता है जो कि एक चिंता का विषय है।
उन्होंने आगे कहा कि भारत को स्थायी आधार पर रणनीतिक रक्षा साझेदार बनाने के लिए राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम (एनडीएए) अधिनियम में संशोधन को प्रायोजित किया है। बता दें कि सीनेटर मार्क वार्नर सीनेट इंडिया कॉकस के सह-अध्यक्ष भी हैं।
परिषद के सदस्य भारतवंशी रमेश कपूर ने कहा कि मौजूदा हालातों को देखते हुए सभी विनिर्माण को अमेरिका में स्थानांतरित करना ही बेहतर होगा। उन्होंने अमेरिकी कंपनियों के चीन छोड़कर भारत आने की पैरवी भी की।

एशिया-प्रशांत में चीनी विस्तार के विरुद्ध आवाज उठाए भारत : रिपोर्ट
चीन के साथ हालिया सीमा-गतिरोध ने भारत को पड़ोसी देशों के साथ अपनी नीति पर पुनर्विचार करने और अन्य एशिया-प्रशांत देशों के लिए बोलने को प्रेरित किया है। ऐसे में फ्रीडम गजट के प्रधान संपादक और द डिप्लोमैट के लेखक मोहम्मद जीशान ने साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट में छपे एक विश्लेषण में कहा कि एशिया को चीन के खिलाफ एक सामूहिक मध्य-शक्ति की प्रतिक्रिया की जरूरत है।

यह वह जगह है जहां भारत एक भूमिका निभा सकता है। इसलिए अब यह जरूरी है कि भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चीन की विस्तारवादी नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज को बुलंद करे।

एलएसी विवाद पर भारत को अमेरिका का सहयोग: जस्टर
भारत में अमेरिका के शीर्ष राजदूत ने भारत-अमेरिकी रिश्तों की सराहना करते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन ने चीन के साथ हालिया एलएसी सीमा विवाद पर भारत के साथ करीबी संपर्क और जबरदस्त सहयोग बनाकर रखा है। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से पिछले छह महीने अभूतपूर्व रहे हैं।

राजदूत केन जस्टर ने  कहा कि अभी के लिए हम भारत की उत्तरी सीमा पर स्थिति को देख रहे हैं। हमने अपने भारतीय समकक्षों से करीबी संपर्क बनाए रखा है और स्पष्ट तौर पर जबरदस्त सहयोग भी बनाए रखा है।
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